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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

ये तेरी मुस्कान लाडली,- कविता



लाख करोड़ों पर भारी है
 ये तेरी मुस्कान लाडली,
 तू है मेरे जिगर का टुकडा
तू है मेरी जान लाडली !

तू आशा की अमरबेल ,
तुझसे सब संसार मेरा ;
 सपने मेरे जहाँ डग भरते 
 तू मेरा आसमान लाडली! 

 तनिक  रहे जो  दूर तू मुझसे 

 आँखें  मेरी  तुम्हें ही खोजे  ;
सब हों भले  -बिन तेरे लगता 
 ये जीवन वीरान लाडली !

धूप तुम्हारी हंसी -ख़ुशी की ,
 भरती आँगन में  उजियारा ,
 निश्छ्ल  वाणी  मन सहलाती 
    करती जीना आसान  लाडली !

सब कहें आज  तू बिटिया मेरी
 दुआ है ,वो दिन भी आये
तेरे नाम से नाम हो मेरा
 तू बनें मेरी पहचान लाडली !

  चित्र  - गूगल से साभार 
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रविवार, 5 जुलाई 2020

गुरु वंदना --



[ तीन साल -सौ रचनाएँ ]
🙏🙏🙏🙏गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर , ब्लॉग की तीसरी  वर्षगांठ पर  आज  सौवीं रचना के  साथ  ,  मेरे  ब्लॉग के गुरुतुल्य   प्रणेता  को कोटि आभार  जिनके  मार्गदर्शन  के बिना  ये ब्लॉग कभी अस्तित्व में ना आता    | स्नेही पाठकवृन्द को ब्लॉग पर , आज तक  उनकी  30683  स्नेहिल उपस्थितियों के लिए  हार्दिक आभार  और नमन   , जिन्होंने मेरी हर रचना  तो अतुल्य स्नेह दिया और  जब भी समय मिला ,  उन पर अपनी स्नेह भरी प्रतिक्रियाएं भी  अंकित   की | समस्त गुरुसत्ता  को नमन करते हुए सभी  को गुरुपूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏🙏🙏🙏

गुरु- वंदना 

तुम कृपासिन्धु  विशाल , गुरुवर !
 मैं  अज्ञानी , मूढ़  , वाचाल गुरूवर !
  
पाकर आत्मज्ञान बिसराया .
छल गयी मुझको जग की माया ;
मिथ्यासक्ति   में डूब  -डूब हुआ
 अंतर्मन  बेहाल , गुरुवर ! 

तुम्हारी कृपा का  अवलंबन ,
पाया     अजपाजाप  पावन  ,  
गुरुविमुख हो सब खोया 
उलझा गया मुझे   भ्रमजाल गुरुवर !

 कुटिल वचन  वाणी दूषित ,
मैं अकिंचन  , विकारी , जीव  पतित 
तुम्हारी करूणा से  पाऊँ त्राण
धुलें मन के सभी मलाल  गुरुवर! 

 सहजो  ने  नित गुरुगुण गाया , 
मीरा ने गोविन्द को पाया , 
रत्नाकर बन गये बाल्मीकि 
 ये गुरुकृपा  है   कमाल गुरुवर !

वेदवाणी  के प्रणेता तुम ,
मानवता  के  सुघढ अध्येता  तुम ;
साकार रूप परमब्रहम  के 
करो दया,  होऊं निहाल गुरुवर !
चित्र - गूगल से साभार 
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ब्लॉग का प्रथम लेख --

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विशेष रचना

क्षमा करना हे श्रमवीर!

औरंगबाद के दिवंगत   श्रमवीरों के नाम --        ऐसे सोये- सोते ही रहे- -- , भला! ऐसी भी क्या आँख लगी ? पहचान सके ना मौत कीआहट-   अ...