मेरी प्रिय मित्र मंडली

सोमवार, 11 नवंबर 2019

नमन न्यायपालिका


-🙏🙏🙏🌷🙏🙏🙏🇮🇳🇮🇳🙏🙏🙏🌷🙏🙏🙏
नवम्बर को भारत की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गये ऐतहासिक निर्णय के लिए न्यायपालिका के सम्मान में कुछ पंक्तियाँ --
 
नमन न्यायपालिका के 
सम्पूर्ण अधिकार की शक्ति को,
न्याय मिला , भले देर हुई , 
वन्दन  इस द्वार शक्ति को !

समय बढ़   गया आगे,
लिख सौहार्द की  नई परिभाषा;
 प्यार जीता नफरत हारी , 
बो हर दिल में नयी आशा ;
हर कोई अपलक  देख रहा 
इस   प्यार की शक्ति को !

समभाव भरी ये पुण्यधरा 
गीता भी जहाँ ,  क़ुरान भी है
कुनबा ये वासुदेव का है,
यहाँ राम है ,तो रहमान भी है,
कभी ना  आंको कम, 
इस   परिवार की शक्ति को ! 

ज्ञान- बुद्धि श्रद्धा से हारे 
 कब तर्क आस्था ने माने ?
राह दिखाते मानवता को जो 
पगचिन्ह  मानव ने पहचाने ,
शीश झुकाया  मान  सभी ने  
सच्चे करतार की शक्ति को !

राम आराध्य जन- जन के
युगपुरुष चेतना के उत्तम,
जगहित दिया मर्यादित रामपथ   ,
हुये सृष्टि के    नायक   सर्वोत्तम  ; 
 रामराज्य  के रूप में जग जाना 
  राघव सरकार की शक्ति को !!

  
चित्र गूगल से साभार 

विशेष रचना

चाँद नगर सा गाँव तुम्हारा ----- कविता ---

चाँद नगर सा गाँव तुम्हारा   भला ! कैसे पहुँच पाऊँगी मैं ?  पर ''इक रोज मिलूंगी तुमसे  '' कह जी को बहलाऊंगी मैं ! मौन...