मेरी प्रिय मित्र मंडली

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

तुम मिले कोहिनूर से -- कविता


विशेष रचना

सब गीत तुम्हारे हैं

  तुम्हारी यादों की  मृदुल  छाँव में  बैठ सँवारे  हैं  मेरे पास कहाँ कुछ था  सब गीत तुम्हारे हैं | मनअम्बर पर टंका हुआ है, ढाई  आखर  प्रेम  ...