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मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

शिव -वंदना -----

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ओंकार  तू  ! निर्विकार तू !!
 सृष्टि का पालन हार तू !
सदाशिव !स्वीकार  करो नमन मेरा !

आत्म वैरागी  -हे    नीलकंठ !
तू आदि अनंत -- तू दिग्दिगंत !!
अव्यक्त ,अनीश्वर ,शशिशेखर !
 शिवा,सोमनाथ ,संतों का संत !
विष्णुवल्लभ ,आत्मानुरागी-
हे सदाशिव !स्वीकार करों अर्चन मेरा !!

तू त्रिकालसृष्टा  ! तू अनंत दृष्टा!
यूँ ही नहीं नाम महाकाल तेरा ,
मर्मज्ञ तू !सर्वज्ञ  तू !
तुझसे क्या  छिपा हाल मेरा ?
 कर विकार- शमन -शुद्ध  हो अंतर्मन ,
हे सदाशिव! स्वीकार करो वंदन मेरा !!

     

संसारी मैं  , विकारी  मैं !
 प्रतिपल  अधीर और अशांत ;
कर देना शांत  ये मन प्रान्तर-
करना पुष्ट -ये प्राण क्लांत ;
दिगंबर तू !गंगाधर तू !
हे सदाशिव! स्वीकार करों पूजन मेरा !!
ओंकार  तू  ! निर्विकार तू !!
 सृष्टि का पालन हार तू !
 हे सदाशिव !स्वीकार  करो नमन मेरा!!!!!!!!!!!!!!

सभी साहित्य मित्रों को महाशिवरात्री की शुभकामनायें | 
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चित्र -- गूगल से साभार ------
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धन्यवाद शब्दनगरी ---


रेणु जी बधाई हो!,

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