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शनिवार, 22 जून 2019

कभी अलविदा ना कहना तुम



कभी अलविदा ना कहना तुम 
मेरे साथ  यूँ ही रहना तुम !

 तुम  बिन थम जाएगा  साथी ,

  मधुर गीतों का ये सफर ;
रुंध कंठ में  दम तोड़ देगें -
आत्मा के स्वर प्रखर ;
 बसना मेरी मुस्कान में नित  
 ना संग आंसुओं के बहना तुम

 तुम ना होंगे हो जायेगी  गहरी

 भीतर की    तन्हाईयां-
टीसती  विकल करेंगी
 यादों की ये  परछाईयां-
 गहरे   भंवर में संताप के -
    देखो !ना  डुबो देना तुम !

निःशब्द   हो सहेज लेना 
 अक्षय स्नेहकोष  मेरा, 
 रखना याद ये स्नेहिल पल -
 भुला देना हर दोष मेरा ;
  दूर आखों से  हो जाओं
ये सजा कभी मत देना तुम !


  

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