मेरी प्रिय मित्र मंडली

गुरुवार, 20 जुलाई 2017

बिटिया ----


 घर  संभालती   बिटिया  
घर संवारती  बिटिया  ,
  स्वर्ग  को धरती पे 
   उतारती  बिटिया ! 

 सुघड़  है  सयानी  है  
बिटिया  तो  घर की रानी  है  ,
उम्र  भले  छोटी है पर 
बातों  में पूरी  नानी  है  ,
सफल  दुआ   जीवन  की 
ईश्वर  की  आरती बिटिया !! 

माँ  की   तो परछाई  है 
पर  गुणों  में सवाई  है ,
उजाला  घर  के  आँगन  का  
स्नेह की  शीतल पुरवाई  है ;
ममता  की   मूर्त  लगती 
जब  स्नेह  से  दुलारती बिटिया !!

तन  से सबल  बहुत  
मन  से  है  सरल  बहुत ,
करुणा से भरी   है  
है भावों से निर्मल  बहुत  ,
 इरादों  की  धनी  है  
करती , जो मन  में  धारती  बिटिया !!

घर -भर  की  दुलारी  है  
सखियों  की  बड़ी  प्यारी  है ,
पिता  का  गर्व    बहुत    ऊंचा
भाई  की   परम हितकारी  है  ;
 अधूरी ममता  पूरी  करती 
 जब  '' माँ ''कह  पुकारती  बिटिया !!

चित्र ---- गूगल से साभार --
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