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सोमवार, 30 नवंबर 2020

लाडली नाज़ों पली

 



🌹🌹आदरणीय भाई रवींद्र सिंह यादव जी को लाडली बिटिया   के शुभ विवाह की  हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

नव युगल को भावी जीवन की हार्दिक मंगल कामनाएं। 



लाडली नाज़ों पली 

चली ससुराल गली!


 निभाना फेरों की रीत

यही जग का चलन

ना रख पाए पिता

करे लाखों जतन

थी अमानत पराई

मेरे अँगना पली

लाडली नाज़ों पली 

चली ससुराल गली! 

 

क्यूँ हुई इतनी बड़ी? 

पड़ी करनी विदा

दूर होगी भले

ना होगी हमसे जुदा

 दुआओं से भर आँचल 

ले आशा रुपहली

लाडली नाज़ों पली 

चली ससुराल गली! 


कर सूना आँगन

नम सबके नयन

छोड़ सखियों का साथ

चली संग सजन

छोड़ यादें अनमोल

लाडो  नटखट मनचली


सोन चिरैया बाबुल की

घर भर की दुलारी

माँ की परछाई

भैया की बहना प्यारी

सुकुमारी हमारी

मिश्री की डली

लाडली नाज़ों पली 

चली ससुराल गली! 


54 टिप्‍पणियां:

  1. जी दी मन के कोमल,ममत्वभरे भाव को शब्द दे दिया आपने।
    बिटिया के विदाई का विह्वल रेखाचित्र परिचित दृश्य आँखों पर खींच गया।
    हार्दिक बधाई दी बेहद सुंदर लिखा आपने।
    सादर।
    बेहद हृदयस्पर्शी सृजन दी।

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय श्वेता।

      हटाएं
  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज मंगलवार 01 दिसंबर 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
  3. यह खुशखबरी आपके ब्लॉग से पता चली प्रिय रेणु। रवींद्रजी को बेटी के शुभविवाह पर बहुत बहुत शुभकामनाएँ एवं नवदंपति को शुभ आशीष। बेटियाँ सभी की साझी होती हैं। आपकी रचना में माँ का हृदय छलक रहा है, बेटी की विदाई का माहौल पूर्णतः परिलक्षित हो रहा है।

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    उत्तर
    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय मीना।

      हटाएं
  4. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (02-12-2020) को "रवींद्र सिंह यादव जी को  बिटिया   के शुभ विवाह की  हार्दिक बधाई"  (चर्चा अंक-3903)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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  5. भाव-विह्वल करती रचना।
    नव युगल को स्वर्णिम भावी जीवन के लिए अशेष शुभकामनाएं।

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय सधु जी।

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  6. प्रिय सखी रेनू ,आपके ब्लॉग से यह खुशखबर मिली ,मन हरषित हुआ ।
    बिटिया को सुंदर भविष्य की शुभकामनाएं 💐💐💐💐💐आनुज रविन्द्र जी को हार्दिक बधाई ।बहुत खूबसूरत भावों से भरी रचना क्ष।

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार शुभा जी।

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  7. शादी के बाद बिटिया पराई क्यों हुई?
    शादी से पहले उसका एक घर था, अब दो हो गए हैं और दोनों को ख़ुश रखना उसी के हाथ में है.
    सुखद दाम्पत्य-जीवन के लिए वर-वधू को हमारी शुभकामनाएँ और आशीर्वाद !

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय गोपेश जी🙏🙏

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  8. भाव विह्वल करती वात्सल्य भाव से सजी अनुपम रचना रेणु जी ! नव युगल को शुभाशीष । इतने सुन्दर सृजन के आपको बहुत बहुत बधाई 💐💐

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय मीना जी।

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  9. उत्तर
    1. आदरणीय रविन्द्र जी को बिटिया के विवाह की अशेष शुभकामनाएं...
      बहुत ही भावपूर्ण ममत्वभरी रचना सखी!
      मन के उद्गारों को शब्द देना कोई आपसे सीखे।

      हटाएं
    2. उत्कृष्ट भाव
      बिटिया दामाद को हार्दिक शुभकामनाएं

      हटाएं
    3. इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.

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    4. सादर आभार सुशील जी🙏🙏

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  10. बिटिया के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए अशेष शुभकामनाएँ!!! बहुत ही सुंदर और हृदय स्पर्श रचना।

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार विश्वमोहन जी🙏🙏

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  11. रविन्द्र भाई को बिटिया के शादी की हार्दिक शुभकामनाएं। नवविवाहित दंपति को ढेरो शुभकामनाएं।
    बहुत सुंदर रचना, रेणु दी।

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    उत्तर
    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार ज्योति जी।

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  12. सुंदर हृदयस्पर्शी रचना।

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार पम्मी जी।

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  13. रविन्द्र जी को बिटिया के विवाह की शुभकामनाएं.सुंदर रचना

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  14. बहुत सुंदर रचना, तन-मन भिगो गई

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  15. रवीन्द्र यादव जी को पुत्री के शुभविवाह पर असंख्य हार्दिक शुभकामनाएं ❤️💐❤️

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय वर्षा जी।

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  16. क्यूँ हुई इतनी बड़ी?

    पड़ी करनी विदा

    दूर होगी भले

    ना होगी हमसे जुदा

    दुआओं से भर आँचल

    ले आशा रुपहली

    लाडली नाज़ों पली

    चली ससुराल गली! हर पंक्ति भावना, प्रेम, स्नेह और ममता से भरी हुई,बहुत सुंदर कृति...रेणु जी । रविंद्र जी की बिटिया के विवाह की हार्दिक शुभकामनाएँ..।

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    1. हार्दिक आभार और अभिनंदन जिज्ञासा जी 🙏🙏

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  17. " चिड़ियाँ दा चम्बा" मैंने कभी पूरा नहीं सुना या पूरा सुन नहीं पाया.
    ये एक मात्र विषय है जिसे मैंने हमेशां कोसा है.

    आपने बेहतरीन बाँधा है इस विषय को... क्या कहूँ बस.

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    उत्तर
    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार प्रिय रोहित

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  18. भाई रवीन्द्र जी को बिटिया के शुभविवाह की बधाई व बिटिया के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए मंगल कामना! सभी साथियों के साथ समान सामंजस्य का निर्वाह करने में समर्थ स्नेहमयी रेणु जी को इस शुभ परिणय के सुन्दर व भावभीने शब्दांकन के लिए हार्दिक बधाई!

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    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक आभार आदरणीय सर 🙏🙏

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  19. बहुत सुंदर मार्मिक रचना

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  20. विवाह के बाद बिटिया पराई हो जाए ऐसी कल्पना कोई भी पिता नहीं कर् पाता और न ही करना चाहता है ... हाँ समाज की एक रीत है जिसके रहते हुए अपने दायित्व का निबाह करना मन को सुकून देता है ... आपकी रचना के कोमल, मधुर भाव मन को नम कर रहे हैं ... हर संवेदनशील पिता के मन के भाव लिखे हैं आपने ... रविन्द्र भाई को मेरी बहुत बधाई और शुभकामनायें ...

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    उत्तर
    1. स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिएहार्दिक आभार दिगंबर जी🙏🙏💐💐

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  21. सोन चिरैया बाबुल की
    घर भर की दुलारी
    माँ की परछाई
    भैया की बहना प्यारी
    सुकुमारी हमारी
    मिश्री की डली
    लाडली नाज़ों पली
    चली ससुराल गली!

    यही रीत है, बहुत सुन्दर
    बिटिया को सुखद दाम्पत्य जीवन की हार्दिक शुभकामनायें

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    1. सादर आभार कविता जी | आपने आपकर रचना को सार्थक किया |

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  22. Bahut khub apne kafi acha likha hai. Me asha krta hun ki aap ese hi ache vichar likhte rahe

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