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*************विश्व जल दिवस पर ********
***प्रार्थना हर उस नदी के लिए जो अपने क्षेत्र की गंगा है***
[ लघु कविता -मेरे ब्लॉग मीमांसा से ]
'पावन , निर्मल प्रेम सदा ही -- रहा शक्ति मानवता की , जग में ये नीड़ अनोखा है - जहाँ जगह नहीं मलिनता की ;; मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है |
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***प्रार्थना हर उस नदी के लिए जो अपने क्षेत्र की गंगा है***
[ लघु कविता -मेरे ब्लॉग मीमांसा से ]
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🌹🌹आदरणीय भाई रवींद्र सिंह यादव जी को लाडली बिटिया के शुभ विवाह की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं
नव युगल को भावी जीवन की हार्दिक मंगल कामनाएं।
लाडली नाज़ों पली
चली ससुराल गली!
निभाना फेरों की रीत
यही जग का चलन
ना रख पाए पिता
करे लाखों जतन
थी अमानत पराई
मेरे अँगना पली
लाडली नाज़ों पली
चली ससुराल गली!
क्यूँ हुई इतनी बड़ी?
पड़ी करनी विदा
दूर होगी भले
ना होगी हमसे जुदा
दुआओं से भर आँचल
ले आशा रुपहली
लाडली नाज़ों पली
चली ससुराल गली!
कर सूना आँगन
नम सबके नयन
छोड़ सखियों का साथ
चली संग सजन
छोड़ यादें अनमोल
लाडो नटखट मनचली
सोन चिरैया बाबुल की
घर भर की दुलारी
माँ की परछाई
भैया की बहना प्यारी
सुकुमारी हमारी
मिश्री की डली
लाडली नाज़ों पली
चली ससुराल गली!


मन पाखी की उड़ान तुम्हीं तक मन मीता जी का सम्बल तुम एक भरते प्रेम घट रीता ! नित निहारें नैन चकोर ना नज़र में कोई दूजा हो...