गाँव में कोई फिर लौटा है -- नवगीत

             

मुद्दत      बाद   सजी   गलियां     रे  -
गाँव    में    कोई    फिर   लौटा    है   !
जीवन     बना    है     इक    उत्सव    रे   -
गाँव    में    कोई  फिर  लौटा    है     !  !

रोती  थी    घर    की    दीवारें    
छत    भी    यूँ     ही    चुपचाप      पड़ी  थी  ,
जीवन   न   था    जीने   जैसा  -
मौत      से  बढ़कर    एक    घडी    थी
 लेकर   घर    भर    की   खुशियाँ     रे -
गाँव    में  कोई    फिर   लौटा   है   ! !

पनधट  पे   चर्चा  उसकी -
घर  -  घर   में     -होती     बात  यही   ,
लौटी     है   गलियों    की   रौनक   -
जो     थी   उसके  साथ   गई    ;
 लेकर  साथ  समय  बीता  रे  --
गाँव  में  कोई   फिर   लौटा  है ! !

उसके  साथी  जब  जब करते  थे
उसका जिक्र चौपालों में ,
उसके  आने  की  खातिर -
 नित जुड़ते  थे हाथ   शिवालों  में ;
 बन  पुरवैया  का झोंका रे --
गाँव में कोई फिर लौटा  है

अमृत    बने   किसी  के  आंसू   -
 रोदन      बदले     शहनाई    में ,
लाज    से  बोझिल      पलकों    पर
सज     गए    सपने    तन्हाई  में ;
बनकर     राधा  का  कान्हा   रे-
 गाँव  में  कोई  फिर  लौटा     है !!!!

मुद्दत      बाद   सजी   गलियां     रे  -
गाँव    में    कोई    फिर   लौटा    है   !
जीवन     बना    है     इक    उत्सव    रे
गाँव    में    कोई  फिर  लौटा    है     !!!!!!!!!!!

टिप्पणियाँ


  1. पनधट पे चर्चा उसकी -
    घर - घर में -होती बात यही ,
    लौटी है गलियों की रौनक -
    जो थी उसके साथ गई ;
    सुंदर पंक्तियाँ.............. 👌

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    1. आदरणीय पुरुषोत्तम जी -- हार्दिक आभार आपका -- रचना पढ़कर अपनी राय से अवगत कराने केलिए -- स्वागत करती हूँ आपका अपने ब्लॉग पर -------

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  2. दिल को छूती हुयी रचना .... मन के कोमल भाव ...

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    उत्तर
    1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    2. आदरणीय दिगंबर जी बहुत आभारी हूँ आपकी --

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  3. सच में बहुत सुंदर रचना लिखी आपने

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    उत्तर
    1. आदरणीय सागर जी स्वागत है मेरे ब्लॉग पर आपका ----- और अच्छा लगा कि आपको रचना पसंद आई !!

      हटाएं
  4. उत्तर
    1. आदरणीय पम्मी जी -- हार्दिक स्वागत करती हूँ आपका ब्लॉग पर -- और आभार आपका कि आपने रचना पढ़ी --

      हटाएं
  5. उत्तर
    1. आदरनीय संजय जी - हार्दिक स्वागत है आपका मेरे ब्लॉग पर -- बहुत आभार आपका रचना पर अपनी राय देने के लिए |

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